Sunday 25 September 2011

हरियाणा में स्कूली शिक्षा का बंटवारा

द्विस्तरीय प्रणाली लागू हुई,
अब पहली से आठवीं तक प्राथमिक शिक्षा
चंडीगढ़। हरियाणा में स्कूली शिक्षा का बंटवारा हो गया है। सोमवार यानी 26 सितंबर से राज्य में द्विस्तरीय प्रणाली शुरू हो जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन ने बीते वीरवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के कारण यह बदलाव किया गया है। मालूम हो कि स्कूली शिक्षा को द्विस्तरीय बनाने के प्रस्ताव की खबर अमर उजाला ने पहले ही प्रकाशित कर दी थी।
अभी तक राज्य में पहली से पांचवीं, छठी से दसवीं और 11वीं-12वीं तक के स्कूल हैं। यानी प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल। अब द्विस्तरीय प्रणाली होने से पहली से आठवीं तक के स्कूल एक कैटेगरी में और नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल दूसरी कैटेगरी में हो गए हैं। अब तक पहली से पांचवीं तक के स्कूलों में जेबीटी टीचर पढ़ाते हैं और उनका प्रशासनिक नियंत्रण भी प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पास है। छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों को मास्टर पढ़ाते हैं। उनका प्रशासनिक नियंत्रण आयुक्त एवं महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के पास है। दस जमा एक और दो में लेक्चरर पढ़ाते हैं और उनका नियंत्रण भी महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के पास है।
अब नए बदलाव में पहली से पांचवीं तक के बच्चों को जेबीटी और छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को मास्टर पढ़ाएंगे। मास्टर वर्ग का नियंत्रण भी प्राथमिक शिक्षा निदेशक को तबदील कर दिया गया है। अब नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में लेक्चरर पढ़ाएंगे। आयुक्त एवं महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के नियंत्रण में सिर्फ लेक्चरर रहेंगे।
अधिसूचना के साथ ही आयुक्त एवं महानिदेशक विजयेंद्र कुमार ने मुख्यालय पर मास्टर वर्ग से जुड़ी ब्रांच के स्टाफ को प्राथमिक शिक्षा निदेशक के तहत चले जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिला स्तर पर मास्टर और सीएंडवी टीचर से संबंधित स्टाफ और ब्रांच जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को भेजने को निर्देश दिया गया है।
नौंवी से 12वीं तक सीनियर सेकंडरी शिक्षा
नौंवी से 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाएंगे लेक्चरर
पहली से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाएंगे जेबीटी और मास्टर
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के कारण बदलाव जरूरी हो गया था। अब एक स्कूल में टीचर के 10 फीसदी से ज्यादा पद खाली नहीं रह सकेंगे। पहली से आठवीं तक शिक्षक और विद्यार्थियों का अनुपात 1:30 का किया गया है। छठी से आठवीं तक यह अनुपात 1:35 होगा।
- सुरीना राजन, वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा, हरियाणा
 
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