Sunday 11 December 2011

निजी स्कूलों में इजाफा सौ फीसदी, सरकारी में दस भी नहीं

विभूति कुमार रस्तोगी, नई दिल्ली बात केवल नर्सरी कक्षा में दाखिला के लिए हर साल होने वाले मारामारी की नहीं है, बल्कि बीते दस सालों में राजधानी में नर्सरी से लेकर 12वीं तक की कक्षा में दाखिला बड़ी चुनौती बन गई है। अगर हम केवल नर्सरी की ही बात करें तो हर साल दाखिला लेने वालों की संख्या में 30 से 40 हजार की बढ़ोतरी हो जाती है। मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों करीब 2 लाख और सरकारी स्कूलों में 17 हजार सीटें हैं। वर्ष 2010 में निजी स्कूलों में 2 लाख सीटों पर 5 लाख बच्चों ने आवेदन किया था। वर्ष 2009 में 2 लाख सीटों के लिए साढ़े चार लाख बच्चों के आवेदन आए थे। शेष बच्चे राजधानी में खुले गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में दाखिले लेते हैं। बीते एक दशक में राजधानी में निजी स्कूलों की संख्या में सौ फीसदी इजाफा हुआ, लेकिन सरकारी स्कूलों की संख्या में दस फीसदी भी इजाफा नहीं हुआ। राजधानी में मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की संख्या 1950 हैं। उन स्कूलों की संख्या भी 2 हजार से अधिक है जो न तो एमसीडी से मान्यता लिए हैं और न ही दिल्ली सरकार से। लेकिन सरकारी स्कूलों में भारी भीड़ की वजह से अभिभावक निजी स्कूलों की चाहत में इन स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवा देते हैं। बच्चों की संख्या के हिसाब से सरकारी स्कूलों की संख्या में अपेक्षित इजाफा न होने के कारण लोगों के पास निजी स्कूलों में पढ़ाने के अलावा और कोई भी विकल्प नहीं है। हाल ही में सीबीएसई ने भी स्कूलों में एक कक्षा में 40 बच्चों के ही होने की बात कही है। अगर इसका पालन किया गया तो राजधानी में 500 सरकारी स्कूलों की और जरूरत पड़ेगी, क्योंकि सरकारी स्कूलों में एक कक्षा 80 से 100 बच्चे होते हैं। दिल्ली में सरकारी स्कूलों की संख्या 637 है जिसमें सुबह और शाम की पालियों को मिलाकर कुल 925 सर्वोदय स्कूल हैं। ध्यान देने वाली बात है कि पाली बढ़ाकर स्कूलों की संख्या को बढ़ा कर दिखा दिया गया है, लेकिन स्कूल बिल्डिंग केवल 637 ही हैं। बीते दस सालों में दिल्ली में सरकारी स्कूलों की संख्या में केवल 50 की ही बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2000 और 2001 में राजधानी में छोटे-बड़े मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की संख्या हजार से ग्यारह सौ थी। अब इनकी संख्या 1950 हो गई है। राजधानी में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या करीब 1591 है। शिक्षा मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने बताया कि 32 नए सरकारी स्कूल खुलेंगे। इसकी तैयारी हो चुकी है। जमीन और बजट का भी आवंटन हो चुका है।
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